Ultimate magazine theme for WordPress.
Browsing Category

Think It Loud

2381

Doha Diary: चिट्ठी आई है..

80 का दशक गजलों का दौर था। उन्हीं दिनों एक गजल ऐसी आई जो 5-स्टार होटल से लेकर नुक्कड़ के ढाबे तक बजी। पंकज उधास की गजल 'चिट्ठी आई है' को पूरे देश ने सुना और यह गजल परदेस में बसे उन लाखों भारतीयों के दर्द का चेहरा बन गई जो रोजी-रोटी की तलाश…